- 56,895 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित, डीएम ने दिए त्वरित निष्पादन के निर्देश
- समाज कल्याण व कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा
- छात्रावासों से लेकर दिव्यांग योजनाओं तक प्रगति का लिया जायजा
बेगूसराय | जिले में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के हजारों लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण अब भी अधूरा है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। किसी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग और कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ई-सुविधा पोर्टल, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, बुनियाद केंद्र, छात्रावासों और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल से जून 2026 के बीच विभिन्न पेंशन योजनाओं के लिए 7,675 आवेदन मिले। इनमें 5,057 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है। 2,202 आवेदन अभी प्रक्रियाधीन हैं। डीएम ने आरटीपीएस के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों का 42 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
तीन लाख से अधिक पेंशनधारी
जून 2026 तक जिले में 3,07,522 लोग विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। जीवन प्रमाणीकरण की समीक्षा में बताया गया कि 3,00,249 पेंशनधारियों में से 2,43,354 का सत्यापन पूरा हो चुका है। कुछ लाभार्थियों को मृत्यु के बाद सूची से हटाया गया है। अभी भी 56,895 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। डीएम ने इसे जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
परिवार लाभ और कन्या विवाह योजना की भी समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना और कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने को कहा गया। माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई।
985 दिव्यांगों को मिली बैटरी चालित ट्राइसाइकिल
‘सम्बल’ योजना के तहत अब तक 985 दिव्यांग लाभार्थियों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल दी गई है। 894 दिव्यांगजनों को अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। यूडीआइडी परियोजना के तहत 31,339 आवेदनों में से 24,638 कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जून में बुनियाद केंद्रों के माध्यम से 1,392 सेवाएं दी गईं। उज्ज्वल दृष्टि योजना के तहत चश्मा वितरण जारी है।
48 अत्याचार मामलों में मुआवजा स्वीकृत
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 48 मामले दर्ज हुए हैं। सभी मामलों में मुआवजा स्वीकृत हो चुका है। अब तक 26 पीड़ितों को राशि मिल चुकी है। शेष मामलों के भुगतान के लिए आवंटन मांगा गया है। अधिनियम के तहत स्वीकृत 44 पेंशन मामलों के भुगतान के लिए भी राशि की मांग की गई है। डीएम ने कहा कि ऐसे मामलों में राहत देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
छात्रावासों का नियमित निरीक्षण होगा
बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों तथा आवासीय विद्यालयों की भी समीक्षा हुई। डीएम ने शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी को छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साफ-सफाई, भोजन, पेयजल, पढ़ाई, अनुशासन और छात्रों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को लंबित आवेदनों, जनशिकायतों और लाभार्थी आधारित योजनाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।









