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बेगूसराय के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लागू होगी डिजिटल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था

  • बरौनी सीएचसी में एनक्यूएएस और ‘साक्षी’ पोर्टल पर प्रशिक्षण
  • एचआरपी हेल्प डेस्क की भी दी गई जानकारी

बेगूसराय (बरौनी) | जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अब और अधिक हाई-टेक, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा। जिलाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में बरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य जिले के सभी ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुरूप विकसित करना है।

‘साक्षी’ पोर्टल से होगी रियल-टाइम मानिटरिंग
कार्यशाला का मुख्य फोकस ‘साक्षी’ पोर्टल के इस्तेमाल पर रहा। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. मनोज कुमार ने इसके फायदे गिनाए। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल से स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन डिजिटल हो जाएगा। अब स्वास्थ्य केंद्रों का रियल-टाइम (वास्तविक समय) में स्व-मूल्यांकन हो सकेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में तो सुधार आएगा ही, साथ ही कर्मियों की जवाबदेही भी तय होगी।
पिरामल फाउंडेशन ने दी बारीकियों की जानकारी
कार्यशाला में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को खास ट्रेनिंग दी। कर्मियों को ‘साक्षी’ पोर्टल पर डेटा फीड करने और रिपोर्टिंग सिस्टम की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुसार बेहतर काम कैसे करें, इसके तरीके भी सिखाए गए। पूरी ट्रेनिंग में डिजिटल मानिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष हेल्प डेस्क
सुरक्षित मातृत्व के लिए कार्यशाला में एक अहम जानकारी साझा की गई। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की बेहतर निगरानी के लिए ‘एचआरपी हेल्प डेस्क’ बनाया गया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 085444 21211 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल करके गर्भवती महिलाएं नियमित परामर्श, जरूरी जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ले सकेंगी।
बीमारियों की रोकथाम पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में जनस्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर बीमारियों पर भी मंथन हुआ। फाइलेरिया और कालाजार जैसी बीमारियों की रोकथाम कैसे हो, इसके लिए जागरूकता और नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
दवाओं की किल्लत होगी दूर
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक संजय कुमार ने डिजिटल प्रबंधन के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम लागू होने से दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। उन्होंने सभी कर्मियों से राष्ट्रीय मानकों के अनुसार काम करने की अपील की। इस अहम कार्यशाला में चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), जीएनएम समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। अंत में सभी ने मिलकर आम लोगों को उत्कृष्ट और जनोन्मुखी स्वास्थ्य सेवाएं देने का संकल्प लिया।

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विजय झा

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