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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार : बेगूसराय से किसी ने तीसरी बार तो किसी ने पहली बार किया आवेदन

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बेगूसराय से तीन शिक्षकों के नाम की अनुशंसा की गई है। हालांकि पुरस्कार के लिए 5 शिक्षकों ने साक्षात्कार दिए थे।

बेगूसराय | राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बेगूसराय से तीन शिक्षकों के नाम की अनुशंसा की गई है। हालांकि पुरस्कार के लिए 5 शिक्षकों ने साक्षात्कार दिए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन शिक्षकों के नाम की अनुशंसा की गई है उनमें दो पुरुष और एक महिला शिक्षक का नाम शामिल है।
जानकारी के अनुसार, राजकीयकृत मध्य विद्यालय बीहट के प्रधान रंजन कुमार, राजकीयकृत मध्य विद्यालय तरबन्ना की प्रधान विभा रानी, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बदलपुरा की कंचन कुमारी, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय रचियाही के प्रधान संजय कुमार पोद्दार और बीपी इंटर स्कूल की प्रभारी कामिनी कुमारी ने पुरस्कार के लिए कमेटी समक्ष साक्षात्कार दिया है। कमेटी ने इनमें से तीन के नाम की अनुशंसा की है। बताते चलें कि इस पुरस्कार के लिए विभा रानी का यह तीसरा जबकि संजय कुमार पोद्दार का दूसरा प्रयास है। संजय कुमार पोद्दार ने 2023 में भी आवेदन किया था। 2023 में उन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर राजकीय पुरस्कार मिला था।

उपेंद्र चौधरी के नाम की अफवाह
वहीं इस पुरस्कार के लिए कला शिक्षक उपेंद्र चौधरी के नाम की अनुशंसा की अफवाह रही। दरअसल, इन्होंने इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन उन्होंने अंतिम रूप से फॉर्म सबमिट नहीं किया और वे इस रेस से बाहर हो गए। रजिस्ट्रेशन कराने के कारण ही उपेंद्र चौधरी के नाम की अफवाह रही। हालांकि डीईओ को यह विशेषाधिकार रहता है कि वह किसी को नामित भी कर सकते हैं, बशर्ते उस शिक्षक का आवेदन ऑनलाइन सबमिट हो। उपेंद्र चौधरी का फॉर्म फाइनली सबमिट नहीं था इसी कारण उनके नाम पर चर्चा की ही नहीं गई।

सुपर-6 का चयन करेगी प्रदेश स्तरीय कमेटी
प्रदेश के सभी जिलों से शिक्षकों के नाम मिलने के बाद प्रदेश स्तरीय कमेटी सुपर-6 के नाम की अनुशंसा राष्ट्रीय कमेटी को करेगी। राष्ट्रीय स्तर पर कुल 126 नामाें की अनुशंसा होगी। इनमें से 45 शिक्षकों (अधिकतम 54) को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा।

मूल्यांकन के लिए इन मानदंडों पर खरा उतरना जरूरी
वस्तुनिष्ठ मानदंड: इसके अंतर्गत शिक्षकों को प्रत्येक वस्तुनिष्ठ मानदंड के आधार पर अंक दिए जाएंगे। यह 10 अंकों का होता है। इसमें कुल 7 प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्रदर्शन के आधार पर मानदंड: इसके तहत शिक्षकों को प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं। जैसे सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए पहल, किए गए अभिनव प्रयोग, अतिरिक्त और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों का आयोजन, शिक्षण-अधिगम सामग्री का उपयोग, सामाजिक गतिशीलता, अनुभवात्मक अधिगम सुनिश्चित करना, छात्रों को शारीरिक शिक्षा सुनिश्चित करने के अनूठे तरीके आदि। यह 90 अंकों का होता है। इसमें 3 केटेगरी के अलग-अलग प्रश्न पूछे जाते हैं।

आपके लिए यह भी जानना जरूरी है
सामान्यतः सेवानिवृत्त शिक्षक इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होते हैं, लेकिन जिन शिक्षकों ने कैलेंडर वर्ष के एक भाग (कम से कम चार महीने, अर्थात राष्ट्रीय पुरस्कार से संबंधित वर्ष में 30 अप्रैल तक) में सेवा की है, उनके आवेदन पर विचार किया जा सकता है, बशर्ते वे अन्य सभी शर्तें पूरी करते हों।
शैक्षिक प्रशासक, शिक्षा निरीक्षक और प्रशिक्षण संस्थानों के कर्मचारी इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं।
शिक्षक/प्रधानाध्यापक को ट्यूशन पढ़ाने में संलिप्त नहीं होना चाहिए।
केवल न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा वाले नियमित शिक्षक और स्कूल प्रमुख ही पात्र हैं।
संविदा शिक्षक और शिक्षा मित्र इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं।

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हिमांशु शेखर

पत्रकारिता ही की है अब तक।
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