- बेगूसराय में इंटैक चैप्टर का शुभारंभ, धरोहर संरक्षण पर जोर
- बच्चों को विरासत से जोड़ने के लिए होगी कार्यशाला
बेगूसराय | भारतीय विरासत और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर बेगूसराय में नई पहल की शुरुआत हुई। रिफाइनरी टाउनशिप स्थित चांद सूरज भवन में इंटैक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) के बेगूसराय चैप्टर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंटैक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर ने कहा कि देश की वास्तविक धरोहर शहरों में नहीं, बल्कि गांवों में सुरक्षित है। इन्हें बचाने के लिए समाज और आम लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के अधिकांश देशों में सांस्कृतिक विरासत के प्रति उदासीनता बढ़ रही है। ऐसे समय में इंटैक का प्रयास है कि आमजन को धरोहर संरक्षण से जोड़ा जाए।
‘ब्रिटिश म्यूजियम’ से सीखे भारत, खत्म हो टिकट प्रणाली
अशोक सिंह ठाकुर ने भारतीय संस्कृति की भव्यता की तारीफ की, लेकिन उन्होंने एक कड़वी सच्चाई पर भी ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि हमारी अमूल्य धरोहरें ब्रिटिश म्यूजियम में संभालकर रखी गई हैं, जहां प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है। इसके विपरीत भारत के हर म्यूजियम में टिकट लगता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आम जनता को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए हमें भी ब्रिटिश म्यूजियम की तरह मुफ्त प्रवेश का कांसेप्ट अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि बेगूसराय चैप्टर जल्द ही बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन करेगा।
परंपराएं समाज के लिए सकारात्मक हों: सुधांशु रंजन
दूरदर्शन के पूर्व वरिष्ठ पत्रकार सुधांशु रंजन ने कहा कि परंपराओं को संरक्षित करना जरूरी है, लेकिन ऐसी परंपराएं ही बचाई जानी चाहिए जो समाज के लिए सकारात्मक और प्रगतिशील हों।

विरासत की ताकत गोली-बंदूक से बड़ी : डॉ. भगवान प्रसाद
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. भगवान प्रसाद सिन्हा ने कहा कि इतिहास बताता है कि विरासत की ताकत गोली और बंदूक से कहीं अधिक होती है। उन्होंने अंधानुकरण और अतिवाद से बचने की अपील करते हुए कहा कि समाज को अपनी अच्छी और जीवंत परंपराओं को संरक्षित करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अनुपमा सिंह ने किया, जबकि संयोजन पर्यावरणविद् शिव प्रकाश भारद्वाज ने किया। बिहार संयोजक भैरव लाल दास और सह-संयोजक शिव कुमार मिश्र ने भी इंटैक की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। अंत में कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में इन लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में डॉ.शशिकांत पांडेय, अभिषेक कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राहुल कुमार, श्रीकृष्ण महिला कालेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. स्वप्ना चौधरी, बाइट कंप्यूटर के निदेशक संजय कुमार, डॉ. सुशांत भास्कर, गणेश गौरव, अमिय कश्यप, डॉ. कुमारी रंजना, प्रो. कृष्ण कुमार, डॉ. रमन कुमार झा, रंजन कुमार, धनंजय कुमार, विनिताभ, डॉ. कुंदन कुमार, संजीव फिरोज, रौशन कुमार समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।










