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बेगूसराय के रिटायर्ड फौजी पर पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप, गुवाहाटी में गिरफ्तार

  • पपरौर गांव का रहने वाला है रितेश, गुवाहाटी में किराये के मकान से गिरफ्तारी
  • गजराज कोर के इनपुट पर कार्रवाई, मोबाइल और संदिग्ध दस्तावेज भी मिले

बेगूसराय/गुवाहाटी | पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बेगूसराय के एक रिटायर्ड फौजी को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान 39 वर्षीय रितेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह बरौनी थाना क्षेत्र के पपरौर गांव का रहने वाला है। उसे पांच अक्टूबर को गुवाहाटी के सतगांव इलाके स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया गया। रितेश पर पाकिस्तान के इंटेलिजेंस आपरेटिव (PIO) के संपर्क में रहकर भारतीय सेना और सुरक्षा बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि उसने मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपित मोतिहारी निवासी अभिषेक कुमार सिंह की किस तरह मदद की।

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी संविदा पर कर रहा था काम
रितेश के बारे में सामने आया है कि वह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है। रिटायरमेंट के बाद भी वह सेना से जुड़े काम में संविदा पर कार्यरत था। इसी वजह से जांच एजेंसियों की नजर उसकी गतिविधियों पर गई है। पुलिस को आशंका है कि सैन्य प्रतिष्ठान से जुड़े काम के दौरान उसकी पहुंच संवेदनशील सूचनाओं तक हो सकती थी। हालांकि उसने कौन-कौन सी जानकारी हासिल की और साझा की, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। रितेश गुवाहाटी के सतगांव इलाके में किराये के मकान में रह रहा था। यह इलाका नारेंगी आर्मी कैंप के नजदीक है। पुलिस के अनुसार, आनलाइन माध्यमों से सैन्य गतिविधियों और प्रतिष्ठान से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान स्थित हैंडलर तक पहुंचाने का आरोप है।
मोतिहारी के युवक की गिरफ्तारी के बाद सामने आया रितेश का नाम
इस मामले में एसटीएफ ने इससे पहले 31 वर्षीय अभिषेक कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। वह पूर्वी चंपारण के राजेपुर थाना क्षेत्र के सेमराहां गांव का रहने वाला है। उसे तीन और चार अक्टूबर की दरम्यानी रात गुवाहाटी के गांधीनगर इलाके से पकड़ा गया था। अभिषेक पर भी भारतीय सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने जांच आगे बढ़ाई और रितेश तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, रितेश भी PIO के संपर्क में था। प्रारंभिक जांच में उसके द्वारा अभिषेक की मदद किए जाने की बात सामने आई है।
मोबाइल, सिम और संदिग्ध दस्तावेज बरामद
कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पाकिस्तान से जुड़े दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि दोनों का पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क कब से था। कितनी और किस तरह की जानकारी साझा की गई। नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
सेना की गजराज कोर के इनपुट पर कार्रवाई
मामले की जांच तेजपुर स्थित सेना की गजराज कोर की मिलिट्री इंटेलिजेंस और असम पुलिस की एसटीएफ ने की। एनआइए से मिले इनपुट के आधार पर भी कार्रवाई की गई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि दोनों की गिरफ्तारी एनआइए से मिले इनपुट के आधार पर हुई। प्रारंभिक जांच में दोनों को कथित तौर पर ऑनलाइन हनी ट्रैप के जरिए निशाना बनाए जाने की बात भी सामने आई है। मामले में एसटीएफ पुलिस थाना केस नंबर 09/2026 के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों फिलहाल एसटीएफ की हिरासत में हैं। आगे की जांच केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं।
पपरौर गांव से गुवाहाटी तक जांच की नजर
रितेश की गिरफ्तारी की जानकारी बेगूसराय पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस उसके पपरौर स्थित घर, परिवार और स्थानीय संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि रितेश लंबे समय से गांव से बाहर रह रहा था या उसके स्थानीय स्तर पर किसी से संपर्क थे। उसके बैंक खातों और अन्य गतिविधियों की जांच का भी रास्ता खुल सकता है। फिलहाल स्थानीय पुलिस की ओर से रितेश के खिलाफ किसी अतिरिक्त कार्रवाई या स्थानीय नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि नहीं की गई है।
गांव में चर्चा, जांच का इंतजार
रितेश की गिरफ्तारी की खबर के बाद पपरौर गांव में मामले को लेकर चर्चा है। ग्रामीण उसके बारे में अधिक जानकारी सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि रितेश की कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें उसके स्थानीय संपर्कों की कोई भूमिका थी या नहीं।
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विनोद कर्ण

पत्रकारिता में 37 वर्षों का अनुभव। 1988 में पटना से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक नवभारत टाइम्स से जुड़े। 1995 से 2000 तक मधुबनी से हिन्दी दैनिक आज के जिला संवाददाता रहे। अप्रैल 2000 से अगस्त 2002 तक अमर उजाला के जालंधर संस्करण में अबोहर के ब्यूरो चीफ रहे। गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण इस पेशे से 4 साल दूर रहे। 2006 में दैनिक जागरण, बेतिया से नई पारी शुरू की। तीन माह बाद सिल्लीगुड़ी स्थानांतरित। फिर पटना तबादला। 2008 से 2014 तक दैनिक जागरण, बेगूसराय और खगड़िया में ब्यूरो चीफ रहे। 2014 से 2017 तक दैनिक जागरण भागलपुर में डेस्क पर सीनियर सब एडिटर रहे। उसके बाद से न्यूज पोर्टल लाइव सिटीज, बिफोर प्रिंट और टॉप हिन्दी न्यूज से जुड़े रहे। वर्तमान में समकालीन तापमान के साथ-साथ newsvistabih.com न्यूज पोर्टल में स्वतंत्र रूप से लेखन जारी।
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