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राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने की दहलीज पर मध्य विद्यालय बीहट

  • स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के लिए केंद्रीय टीम ने किया निरीक्षण
  • शहरी क्षेत्र अंतर्गत इस विद्यालय को पहले ही मिल चुका है फाइव स्टार रेटिंग

बेगूसराय (बीहट) | बिहार शिक्षा परियोजना द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के लिए राज्य की ओर से राष्ट्रीय स्तर के लिए नामित राजकीयकृत मध्य विद्यालय बीहट में 2 मार्च को केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जल, स्वच्छता एवं साफ-सफाई ‘वाश’ (WASH) के राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थागत संसाधनों का विस्तृत भौतिक सत्यापन किया गया। SHVR (Swachh Evam Harit Vidyalaya Rating) के फील्ड मैनेजर अखिलेश कुमार ने विद्यालय परिसर में निरीक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं स्थल परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की।

60 मानक बिंदुओं पर किया निरीक्षण
बताते चलें कि मध्य विद्यालय बीहट ने जिला एवं राज्य स्तर पर कैटेगरी-1 (कक्षा 1 से 8), शहरी क्षेत्र अंतर्गत फाइव स्टार रेटिंग का मानक पूर्व में प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता स्थापित की है। इसी आधार पर विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर दावेदारी के लिए चयनित किया गया है। निरीक्षण के दौरान कुल 60 मानक बिंदुओं पर विस्तृत जांच एवं समीक्षा की गई। विद्यालय अगर राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार जीतता है तो उसे 1 लाख नकद (कंपोजिट स्कूल ग्रांट) के अलावा प्रशस्ति पत्र भी मिलेगा। यह पुरस्कार शिक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के 200 स्कूलों के प्रमुखों को सीखने और अनुभव साझा करने के लिए एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जाता है।

छात्र प्रतिनिधियों के साथ कार्य-समीक्षा संवाद
विद्यालय के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने बताया कि निरीक्षण के क्रम में विद्यालय शिक्षा समिति, विद्यालय स्वच्छता समिति, इको क्लब, ग्रीन क्लब, हाउस लीडर, बाल संसद, क्लास मॉनिटर एवं छात्र प्रतिनिधियों के साथ कार्य-समीक्षा संवाद आयोजित हुआ। विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता अनुशासन, दैनिक हाथ धुलाई अभ्यास, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी से संबंधित व्यवहारिक क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। निरीक्षण उपरांत केंद्रीय प्रतिनिधि से विद्यालय के मूल्यांकन परिणाम के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि अंतिम परिणाम सक्षम प्राधिकरण द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के बाद घोषित किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह उल्लेख किया कि विद्यालय में स्वच्छता एवं हरित पहल से संबंधित व्यवस्थाओं का स्थायित्व, नियमित अनुश्रवण तंत्र तथा व्यवहार आधारित क्रियान्वयन राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निरंतर बनाए रखने का प्रयास सराहनीय है।
60 बिंदुओं पर केंद्रित व्यवस्थाओं का गहन भौतिक सत्यापन
प्रधान रंजन कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत विद्यालय का मूल्यांकन 60 संकेतकों के आधार पर किया गया। ये 60 पैरामीटर्स इन पांच मुख्य श्रेणियों में विभाजित हैं:-
  1. जल और स्वच्छता : पीने के पानी की उपलब्धता और शौचालयों की स्थिति।
  2. हाथ धोना और स्वच्छता :  साबुन से हाथ धोने की सुविधा और परिसर की साफ-सफाई।
  3. संचालन एवं रखरखाव :  सुविधाओं का नियमित रखरखाव।
  4. व्यवहार परिवर्तन :  छात्रों और कर्मचारियों के व्यवहार में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक बदलाव।
  5. मिशन लाइफ (LiFE) :  पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली और हरित गतिविधियों (जैसे वृक्षारोपण, सौर ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन) को अपनाना।

रेटिंग और पुरस्कार: विद्यालयों को उनके प्रदर्शन के आधार पर 1 से 5 स्टार रेटिंग दी जाती है।

  • जिला स्तर: 3 स्टार” और उससे ऊपर वाले स्कूलों का चयन।
  • राज्य स्तर: 4 स्टार” और उससे ऊपर वाले स्कूलों का चयन।
  • राष्ट्रीय स्तर: 5 स्टार” रेटिंग वाले शीर्ष 200 स्कूलों को चुना जाता है।
  • पुरस्कार: राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सरकारी स्कूलों को 1 लाख तक का “कंपोजिट स्कूल ग्रांट” दिया जाता है।
जानिए, इस प्रकार होता है विद्यालयों का चयन
  • राष्ट्रीय स्तर : देशभर से कुल 200 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को चुना जाता है। इनमें 140 स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों से (70 प्राथमिक और 70 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक) होते हैं। 60 स्कूल शहरी क्षेत्रों से (30 प्राथमिक और 30 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक) चुने जाते हैं।
  • राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर : प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से अधिकतम 20 विद्यालयों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया जाता है।
  • जिला स्तर : प्रत्येक जिले से कुल 8 विद्यालयों का चयन किया जाता है (6 ग्रामीण और 2 शहरी स्कूल)।
  • विशेष पुरस्कार :  इनके अलावा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 3 राज्यों और 10 जिलों को भी “Schools of Excellence in WASH and Environmentally Friendly Nature” के रूप में मान्यता दी जाती है।
पुरस्कार राशि कहां खर्च की जाएगी
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के तहत राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली राशि का उपयोग इन मदों में किया जाना है :-
  1. बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण :  विद्यालय परिसर में स्वच्छता और पर्यावरण से संबंधित सुविधाओं जैसे शौचालयों की मरम्मत, नए नल लगाने या मौजूदा सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए।
  2. स्वच्छता और जल प्रबंधन :  सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था, हाथ धोने के स्टेशनों का रखरखाव और जल संरक्षण हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) प्रणालियों के निर्माण या रखरखाव में।
  3. अपशिष्ट प्रबंधन :  गीले कचरे से खाद बनाने के लिए कंपोस्ट पिट का निर्माण, कचरा पृथक्करण के लिए रंग-कोडित डस्टबिन खरीदना और सेनेटरी पैड निपटान के लिए इंसिनरेटर की स्थापना करना।
  4. हरित गतिविधियां : विद्यालय में पोषण वाटिका विकसित करना, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और परिसर में वृक्षारोपण करना।
  5. जागरूकता और क्षमता निर्माण :  छात्रों और कर्मचारियों के लिए स्वच्छता व्यवहार में बदलाव लाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना और ‘मिशन LiFE’ के तहत पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना।
मध्य विद्यालय बीहट दो बार हो चुका सम्मानित

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विजय झा

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