- बीहट मध्य विद्यालय में डॉ. एमएन राय ने सिखाए व्यक्तित्व विकास और माइंड मैप के गुर
- डॉ. राय ने शिक्षकों को सिखाया बेहतर क्लास मैनेजमेंट
बेगूसराय (बीहट) | राजकीयकृत मध्य विद्यालय बीहट में अभिनव शैक्षिक पहल ‘वीकेंड विजन-4’ के द्वितीय ग्रीष्मकालीन सत्र की पहली कड़ी का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में शहर के विख्यात लेप्रोस्कोपिक सर्जन एवं शिक्षाविद् डॉ. एम.एन. राय ने विद्यार्थियों को जीवन, आत्मबोध और अध्ययन की वैज्ञानिक पद्धतियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के पहले सत्र (मॉर्निंग असेंबली) में डॉ. राय ने ‘आप कौन हैं?’ जैसे मौलिक प्रश्न के साथ छात्रों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। अपनी पुस्तक ‘शमभाकादि और छात्रों का स्वप्रबंधन’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने समझाया कि मनुष्य मात्र एक शरीर नहीं, बल्कि मन, बुद्धि, स्मृति और विवेक का अद्भुत समन्वय है। उन्होंने जोर दिया कि अनुशासन और आत्म-नियंत्रण ही मानसिक विकास की कुंजी हैं।

रटने के बजाय ‘SQ3R’ पद्धति पर जोर
दूसरे सत्र में बाल संसद, इको क्लब और हाउस लीडर्स के साथ हुई विशेष बैठक में डॉ. राय ने व्यक्तित्व विकास के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने पढ़ाई के लिए वैज्ञानिक ‘SQ3R’ पद्धति (Survey, Question, Read, Recite, Review) को साझा करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विषय को समझना और उसे आत्मसात करना है, न कि केवल रटना। उन्होंने छात्रों को एकाग्रता बढ़ाने, समय प्रबंधन, समूह चर्चा और माइंड मैप जैसे आधुनिक तरीकों को अपनाने की सलाह दी, ताकि वे अपनी वैचारिक चेतना को और प्रखर बना सकें।
शिक्षकों और प्रशिक्षुओं के साथ संवाद
कार्यक्रम के तृतीय सत्र में डॉ. एम.एन. राय ने शिक्षकों और श्याम स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रशिक्षुओं के साथ गहन विमर्श किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक की भूमिका मात्र पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीखने की प्रक्रिया के ‘फैसिलिटेटर’ (मार्गदर्शक) हैं। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण को जिज्ञासा-आधारित बनाने का आह्वान किया, जिससे विद्यार्थी कक्षा में स्वतः सक्रिय हो सकें। डॉ. राय ने शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए SQ3R विधि, निरंतर पुनरावृत्ति और फीडबैक-आधारित मूल्यांकन को अनिवार्य बताया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एक सफल शिक्षक की पहचान उसके बेहतर कक्षा-प्रबंधन, उत्कृष्ट संप्रेषण (Communication) और छात्रों के साथ संवेदनशील जुड़ाव से होती है।

डॉ. राय के सेवाभावी व्यक्तित्व की चर्चा
इससे पूर्व नेतृत्वकर्ता विद्यार्थियों द्वारा हाउस मास्टर अनुपमा सिंह के नेतृत्व में डॉ. राय का स्वागत किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने डॉ. राय का परिचय देते हुए उनके चिकित्सा क्षेत्र में योगदान को याद किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि डॉ. राय ने सर्जरी से अवकाश लेने के बाद न्यूनतम शुल्क पर जिस तरह जनसेवा की, उनके द्वारा छोड़ी गई वह रिक्तता आज भी बेगूसराय के चिकित्सा जगत में अधूरी है। कार्यक्रम के सफल संचालन में शिक्षक गौरव रौशन, प्रीति कुमारी तथा श्याम स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रशिक्षुओं का महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहा। वीकेंड विजन की यह कड़ी विद्यार्थियों के लिए आत्मबोध, वैज्ञानिक अध्ययन पद्धति और जीवन कौशल का समेकित अनुभव देनेवाला रहा।










